Ads (728x90)



सिंधारा दौज (Sindhara Dooj) एक हिंदूू त्‍यौहार (Hindu festiva) है, हरियाली तीज (Hariyali Teej) से एक दिन पहले जो शुक्ल पक्ष (Shukla Paksha) द्वितीया तिथि (dwitiya) को सिंधारा दोज (Sindhara Dooj) कहते हैं, आईये जानते हैं - सिंधारा दौज का महत्‍व (Sindhara Dooj Ka Mahatva) -

सिंधारा दौज का महत्‍व - Sindhara Dooj Ka Mahatva

यह मुुख्‍य रूप से महिलाओं का त्‍यौहार है, इस दिन सभी सुहागन स्त्रियां व कुँवारी कन्यायेंं भी अपना श्रंंगार करती है इस दिन बेटी के मायके वाले और ससुराल वाले भी अपनी बेटी व बहू को सोलह श्रंगार (Solah Shringar) का सामान मिठाई और वस्त्र देते है जो कुँवारी कन्याये होती है उन्हें भी माता पिता नये वस्त्र कढ़े और मिठाई खिलाते है यह परम्परा सदियों से चली आ रही है कहा जाता है हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में आज भी पार्वती जी (Parvati Mata) के मायके से उनके लिये सिंधारा भेजा जाता है ऐसा माना जाता है कि सिंधारा दोज (Sindhara Dooj) मनाने से बहू बेटी सुहाग व सम्पनता से भरपूर रहती है सिंधारा दौज को Sowbhagya Dooj, Preethi Dwitiya, Sthanya Vriddhi और Gauri Dwitiya के नाम से भी जाना जाता है।

Sindhara Dooj, Brahmacharini Puja, Culture & Festivals, Hariyali Teej, Sindhara Teej Vrat, Sindhara in India, Festivals of India



Post a Comment

1. हिन्‍दी होम टिप्‍स आपके लिये बनाई गयी है।
2. इसलिये हम अापसे यहॉ प्रस्‍तुत लेखों के बारे में आपकी विचार और टिप्‍पणी की अपेक्षा रखते हैं।
3. आपकी सही टिप्‍पणी हिन्‍दी होम टिप्‍स को सुधारने और मजबूत बनाने में हमारी सहायता करेगी।
4. हम आपसे टिप्पणी में सभ्य शब्दों के प्रयोग की अपेक्षा करते हैं।
आप हमें इन सोशल नेटविर्कंग साइट पर भी फॉलो कर सकते हैं -
*हिन्‍दी होम टिप्‍स का फेसबुक पेज
*हिन्‍दी होम टिप्‍स का गूगल+ पेज