पौष माह (Paush Maas) में पडने वाली पूर्णिमा (Purnima) को पौष पूर्णिमा (Paush Purnima) कहते हैं। भारत (India) में पौष पूर्णिमा व्रत (Paush Purnima Vrat) बड़ी श्रद्धा से मनाया जाता है। इस दिन से की माघ महीने (magh maas) का स्‍नान शुरू होता है, आईये जानते हैं पौष पूर्णिमा का महत्व (Paush Purnima Ka Mahatva)-


पौष पूर्णिमा का महत्व - Paush Purnima Ka Mahatva

हिंदू धर्म में पौष पूर्णिमा (Paush Purnima) का बहुत महत्‍व है पौष पूर्णिमा (Paush Purnima) जो व्‍यक्ति नियम से व्रत और स्‍नान करता है मान्‍यता है कि उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है, पौष माह (Paush Maas) में जो लाेग पूूरे माह भगवान का ध्‍यान और पूूजा अर्चना करते हैंं वह पौष पूर्णिमा (Paush Purnima) के दिन स्‍नान इसकी पूर्णता करते हैं, ऐसे माना जाता हैै कि उन्‍हें उसे जन्म-मृत्यु के चक्कर से छुटकारा मिल जाता है, इस दिन वाराणसी, प्रयाग और हरिद्वार में स्नान का विशेष महत्व है।

पौष पूर्णिमा (Paush Purnima) को शाकंभरी जयंती (Shakambari Jayanti) के रूप में भी मनाया जाता है 

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